Harini Amarasuriya Biography Hindi: डॉ. हरिनी अमरसूर्या श्रीलंका की नई प्रधानमंत्री ने अपनी शिक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भारत के प्रतिष्ठित दिल्ली विश्वविद्यालय से प्राप्त किया. सामाजिक न्याय और शिक्षा में उनकी गहरी रुचि ने उन्हें राजनीति में प्रवेश करने के लिए प्रेरित किया. 24 सितंबर 2024 को उन्होंने श्रीलंका की तीसरी महिला प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली है और इसके साथ ही उन्होंने न्याय, स्वास्थ्य, शिक्षा, और सामाजिक सुधार जैसे प्रमुख विभागों की जिम्मेदारी संभाली है. उनका यह सफर एक शिक्षाविद् से लेकर राजनीति तक और फिर श्रीलंका के सर्वोच्च पदों में से एक पर पहुंचने का प्रेरणादायक उदाहरण है.
डॉ. हरिनी अमरसूर्या का प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
जन्म और प्रारंभिक जीवन
- जन्म तारीख: डॉ. हरिनी अमरसूर्या का जन्म 6 मार्च 1970 को श्रीलंका में हुआ था.
- परिवारिक पृष्ठभूमि: उनका पालन-पोषण एक शिक्षित और सामाजिक रूप से सक्रिय परिवार में हुआ. हालांकि, उनके माता-पिता या परिवार के अन्य सदस्यों के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है.
- प्रारंभिक शिक्षा: हरिनी ने अपनी शुरुआती शिक्षा श्रीलंका के प्रतिष्ठित बिशप कॉलेज, कोलंबो से प्राप्त की, जो एक प्रमुख शैक्षणिक संस्थान है.
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शिक्षा और उच्च अध्ययन
- स्नातक की पढ़ाई: डॉ. हरिनी अमरसूर्या ने अपनी स्नातक की शिक्षा भारत के प्रतिष्ठित दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से समाजशास्त्र (सोशियोलॉजी) में की.
- मास्टर्स की पढ़ाई: स्नातक के बाद उन्होंने मैक्वेरी विश्वविद्यालय, ऑस्ट्रेलिया से एप्लाइड एंथ्रोपोलॉजी और विकास अध्ययन में मास्टर्स डिग्री प्राप्त की.
- पीएचडी: उन्होंने अपनी डॉक्टरेट (पीएचडी) एडिनबर्ग विश्वविद्यालय, यूनाइटेड किंगडम से सामाजिक मानवविज्ञान में की.
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डॉ. हरिनी अमरसूर्या का करियर
शिक्षाविद के रूप में करियर
- सामाजिक न्याय में रुचि: प्रारंभ से ही उनका झुकाव सामाजिक सुधार और मानवाधिकारों की ओर था, जिसने उन्हें शिक्षा और सामाजिक कार्यों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया.
- शैक्षिक करियर की शुरुआत: शिक्षा पूरी करने के बाद, डॉ. अमरसूर्या ने श्रीलंका की ओपन यूनिवर्सिटी में सामाजिक अध्ययन विभाग में वरिष्ठ व्याख्याता के रूप में कार्य किया.
- शैक्षिक और सामाजिक योगदान: शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के साथ-साथ वे सामाजिक सुधार और मानवाधिकारों के लिए सक्रिय रही हैं, जिसने उन्हें एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में पहचान दिलाई.
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सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में
- मानवाधिकारों की समर्थक: डॉ. हरिनी अमरसूर्या ने हमेशा मानवाधिकारों और सामाजिक न्याय के लिए आवाज उठाई है. वे विशेष रूप से महिला अधिकारों और हाशिए पर रहने वाले समुदायों के अधिकारों के लिए सक्रिय रही हैं.
- सामाजिक न्याय के अभियान: उन्होंने सामाजिक न्याय और समानता के लिए कई अभियानों में भाग लिया. उनकी सक्रियता ने शिक्षा और मानवाधिकारों के मुद्दों पर लोगों का ध्यान आकर्षित किया. वे लैंगिक समानता, LGBTQ+ अधिकारों और महिलाओं के अधिकारों की प्रबल समर्थक रही हैं.
- एनजीओ और सामाजिक संगठनों के साथ जुड़ाव: डॉ. अमरसूर्या ने Law and Society Trust और Centre for Women’s Research जैसे संगठनों के साथ मिलकर काम किया है. इन संगठनों के जरिए उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक सुधारों पर जोर दिया.
- पर्यावरण और पशु कल्याण: डॉ. अमरसूर्या पर्यावरण और पशु अधिकारों की समर्थक भी हैं. उन्होंने श्रीलंका के पार्लियामेंट्री कॉकस फॉर एनिमल वेलफेयर में भी सक्रिय रूप से भाग लिया, जो पशु कल्याण के लिए काम करता है.
- सामाजिक सुधार के लिए समर्पण: डॉ. अमरसूर्या ने समाज के कमजोर वर्गों के जीवन में सुधार लाने के लिए अपना जीवन समर्पित किया है. वे शिक्षा, सामाजिक समानता और न्याय की दिशा में लगातार कार्य करती रही हैं.
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डॉ. हरिनी अमरसूर्या की राजनीतिक यात्रा
राजनीति में प्रवेश
- नेशनल पीपल्स पावर (NPP) से जुड़ाव: डॉ. हरिनी अमरसूर्या ने 2020 में श्रीलंका की नेशनल पीपल्स पावर (NPP) पार्टी से राजनीति में प्रवेश किया. यह पार्टी सामाजिक न्याय और समानता की विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए जानी जाती है.
- राष्ट्रीय सूची से संसद सदस्य: डॉ. अमरसूर्या को 2020 में NPP की राष्ट्रीय सूची के तहत श्रीलंका की संसद में नियुक्त किया गया. यह उनके राजनीतिक करियर की औपचारिक शुरुआत थी, जहाँ उन्होंने विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत किया.
- महत्वपूर्ण संसदीय भूमिकाएं: संसद में रहते हुए, उन्होंने महिला सांसद कॉकस और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों की संसदीय समिति सहित कई महत्वपूर्ण समितियों में भाग लिया. इसके अलावा, वे पशु कल्याण और नैतिकता और विशेषाधिकार समितियों में भी सक्रिय रहीं.
- सामाजिक सुधारों पर जोर: संसद में अपने कार्यकाल के दौरान, डॉ. अमरसूर्या ने सामाजिक सुधारों पर जोर दिया. उन्होंने शिक्षा, लैंगिक समानता, मानवाधिकार, और समान अवसर जैसे मुद्दों पर निरंतर कार्य किया, जिसके लिए उनकी काफी सराहना हुई.
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प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्ति
- ऐतिहासिक नियुक्ति: 24 सितंबर 2024 को डॉ. हरिनी अमरसूर्या को श्रीलंका की 16वीं प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त किया गया. इस नियुक्ति के साथ वे श्रीलंका की तीसरी महिला प्रधानमंत्री बनीं, जिन्होंने सिरिमावो बंडारनायके और चंद्रिका कुमारतुंगा जैसी महान महिलाओं के पदचिन्हों पर चलकर यह मुकाम हासिल किया.
- महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार: प्रधानमंत्री के रूप में, डॉ. अमरसूर्या को कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई, जिनमें न्याय, शिक्षा, स्वास्थ्य, श्रम, उद्योग, और निवेश शामिल हैं. यह उनके व्यापक ज्ञान और सामाजिक सुधारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
- सामाजिक सुधारों की दिशा में कदम: प्रधानमंत्री बनने के बाद, डॉ. अमरसूर्या ने सामाजिक और आर्थिक सुधारों पर विशेष ध्यान देने का संकल्प लिया. उन्होंने अपने एजेंडे में शिक्षा सुधार, स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी, और मानवाधिकारों की सुरक्षा को प्रमुखता दी.
- महिला नेतृत्व में नई दिशा: उनकी नियुक्ति को श्रीलंका की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जहां महिला नेतृत्व को नई ऊंचाइयां मिली हैं. यह नियुक्ति श्रीलंका में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है.
- आर्थिक चुनौतियों का सामना: प्रधानमंत्री बनने के बाद, डॉ. अमरसूर्या को श्रीलंका की गंभीर आर्थिक चुनौतियों, जैसे IMF के साथ चल रहे समझौतों और आर्थिक सुधारों को लागू करने की कठिन जिम्मेदारी का सामना करना पड़ा. उन्होंने आर्थिक स्थिरता और विकास को अपने प्राथमिक लक्ष्यों में शामिल किया.
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डॉ. हरिनी अमरसूर्या का व्यक्तिगत जीवन
वैवाहिक स्थिति और परिवार
डॉ. हरिनी अमरसूर्या अविवाहित हैं और उन्होंने अपना जीवन सामाजिक सुधार, मानवाधिकारों और शिक्षा के लिए समर्पित कर दिया है. विवाह और व्यक्तिगत जीवन की बजाय उनका मुख्य ध्यान हमेशा समाज की भलाई और सामाजिक न्याय पर रहा है. उनके परिवार के बारे में बहुत अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है, लेकिन यह माना जाता है कि उनके शुरुआती जीवन और शिक्षा में परिवार का अहम योगदान रहा है, जिसने उन्हें समाजसेवा और सामाजिक कार्यों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया.
उन्होंने व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन में संतुलन बनाए रखते हुए सामुदायिक सेवा और न्याय के लिए निरंतर काम किया है. उनका परिवार उनके सामाजिक और राजनीतिक जीवन में एक मजबूत आधार रहा है, जिससे उन्हें प्रेरणा और समर्थन मिलता रहा है. डॉ. अमरसूर्या का जीवन व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से अधिक सामाजिक सुधार और शिक्षा को प्राथमिकता देने का उत्कृष्ट उदाहरण है.
डॉ. हरिनी अमरसूर्या की उपलब्धियां और योगदान
शिक्षा में योगदान:
उन्होंने श्रीलंका के राष्ट्रीय युवा नीति (National Youth Policy) के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इसके अलावा, उन्होंने युवाओं के अधिकारों और सामाजिक बहिष्कार से संबंधित कई शोध कार्य किए हैं. ओपन यूनिवर्सिटी ऑफ श्रीलंका में वरिष्ठ व्याख्याता के रूप में कार्य करते हुए, उन्होंने शिक्षा और शोध के क्षेत्र में छात्रों को प्रेरित किया और कई महत्वपूर्ण शोध पत्र प्रकाशित किए हैं.
सामाजिक सुधार में योगदान:
उन्होंने श्रीलंका में महिलाओं और बच्चों के अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न परियोजनाओं में काम किया है. उन्होंने बाल विवाह और यौन शोषण के खिलाफ कई अध्ययन रिपोर्टें तैयार की हैं. सामाजिक न्याय और मानवाधिकारों के लिए उनके योगदान में ‘इलीट पॉलिटिक्स एंड डिसेंट इन श्रीलंका’ जैसे शोध शामिल हैं, जो श्रीलंका के सामाजिक और राजनीतिक आंदोलनों पर केंद्रित हैं.
राजनीतिक और सामाजिक सेवा:
डॉ. हरिनी ने महिलाओं के अधिकारों, लैंगिक समानता और बाल पोषण के मुद्दों पर संसद की विभिन्न समितियों में सेवा दी है. उन्होंने श्रीलंका के मानवाधिकार और संवैधानिक सुधारों के लिए भी सक्रिय रूप से काम किया है. 2020 में राष्ट्रीय सूची के माध्यम से संसद में प्रवेश करने के बाद, उन्होंने शिक्षा और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण विधेयकों का समर्थन किया है.
प्रमुख शोध और प्रकाशन:
उन्होंने श्रीलंका में शिक्षा के अधिकार और बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित मुद्दों पर व्यापक शोध किया है. इसके अतिरिक्त, उन्होंने महिलाओं के विकास और सामाजिक मुद्दों पर भी कई लेख और पुस्तकें प्रकाशित की हैं. डॉ. हरिनी अमरसूर्या का योगदान श्रीलंका के शिक्षा, सामाजिक न्याय और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में अत्यधिक महत्वपूर्ण है. उनके कार्य और नेतृत्व ने उन्हें एक प्रख्यात शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में स्थापित किया है.
निष्कर्ष: Harini Amarasuriya Biography Hindi
डॉ. हरिनी अमरसूर्या का जीवन और करियर सामाजिक सेवा और शिक्षा के प्रति उनके गहरे समर्पण का प्रमाण है. दिल्ली विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर उन्होंने अपने ज्ञान और अनुभव का उपयोग श्रीलंका में व्यापक सामाजिक सुधार लाने के लिए किया. उनकी नियुक्ति से यह साफ होता है कि शिक्षा और सेवा से प्रेरित एक व्यक्तित्व किस तरह एक राष्ट्र के भविष्य को आकार दे सकता है. उनके नेतृत्व में श्रीलंका में सामाजिक और राजनीतिक परिवर्तनों की नई संभावनाएं नजर आ रही हैं.
FAQ
डॉ. हरिनी अमरसूर्या कौन हैं?
श्रीलंका की प्रधानमंत्री और सामाजिक कार्यकर्ता.
डॉ. हरिनी अमरसूर्या का राजनीतिक दल कौन सा है?
राष्ट्रीय जन बलवेगया (National People’s Power).
डॉ. हरिनी अमरसूर्या की शिक्षा क्या है?
उन्होंने सामाजिक नृविज्ञान में पीएचडी की है.
क्या डॉ. हरिनी अमरसूर्या पहले शिक्षिका थीं?
हां, ओपन यूनिवर्सिटी ऑफ श्रीलंका में वरिष्ठ व्याख्याता थीं.
क्या डॉ. हरिनी अमरसूर्या शादीशुदा हैं?
नहीं, वह अविवाहित हैं.
डॉ. हरिनी अमरसूर्या की मुख्य राजनीतिक प्राथमिकताएं क्या हैं?
शिक्षा सुधार, महिला अधिकार, और सामाजिक न्याय.
डॉ. हरिनी अमरसूर्या ने किस प्रकार के सामाजिक कार्य किए हैं?
युवाओं के अधिकारों और लैंगिक समानता पर व्यापक शोध और परियोजनाएं.
हरिनी अमरसूर्या ने भारत के साथ कोई विशेष पहल की है?
अभी तक भारत के साथ विशेष पहल की जानकारी नहीं है.
डॉ. हरिनी अमरसूर्या कौन सी प्रमुख समिति में शामिल हैं?
श्रीलंकाई संसद की महिला सांसदों की समिति और सार्वजनिक लेखा समिति.
क्या डॉ. हरिनी अमरसूर्या महिला सशक्तीकरण के लिए काम करती हैं?
हां, वह महिला अधिकार और लैंगिक समानता पर सक्रिय रूप से काम करती हैं.